HomeEditorialसंपादकीय: जेएनयू और 'असहमति' की बदलती परिभाषा - मर्यादा और अराजकता के बीच की लकीरEditorialसंपादकीय: जेएनयू और 'असहमति' की बदलती परिभाषा - मर्यादा और अराजकता के बीच की लकीरAuthor: Abhigyan KumarJan 7, 202618 viewsLike story3#JNU#Amit Shah#Delhi Riots
EditorialJan 16, 2026स्टार्टअप इंडिया के 10 साल: नवाचार का वह स्वर्णिम दशक जिसने बदल दी भारत की तस्वीरआज 16 जनवरी 2026 है। यह तारीख भारतीय इतिहास में केवल कैलेंडर का एक पन्ना नहीं, बल्कि उस संकल्प की वर्षगांठ है जिसने भारत की युवा शक्ति को 'न…62
EditorialJan 15, 2026संपादकीय: ईरान में खूनी संघर्ष - दमन, विद्रोह और एक अनिश्चित भविष्यईरान में खूनी संघर्ष: क्या यह एक नई क्रांति की शुरुआत है? हाल ही में हुए घटनाक्रमों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों (जैसे एमनेस्टी इंटरने…91
EditorialJan 6, 2026बिहार के किसानों के लिए जरूरी खबर: आज से शुरू हुआ डिजिटल 'किसान आईडी' का महाअभियान, नहीं बनवाया तो रुक सकता है PM किसान का पैसा(पटना/ब्यूरो): बिहार के किसानों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार के कृषि विभाग ने किसानों को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान देने के उद…141
EditorialJan 5, 2026संपादकीय: बिहार का 'एक्सप्रेस-वे युग' – विकास की नई रफ़्तार और चुनौतियांदिनांक: 5 जनवरी, 2026: बिहार में आधारभूत संरचना का कायाकल्प और एक्सप्रेस-वे का बढ़ता जाल बदलते बिहार की नई तस्वीर एक समय था जब बिहार की पहचा…140